Selective Outrage: CAA v Kota Tragedy

77 infants die in a Kota hospital due to negligence. Over 50% gadgets in the hospital are defunct; the hospital is also short of staff. Well, we do not care. Why? It is not a BJP-ruled state. CM Gehlot, however, says that “there are daily few deaths in every hospital in state and country, nothing…

अयोध्या आदेश में आर्थिक मंदी का हल

अब भगवान टेंट में नहीं रहेंगे। खुशी की बात है। शायद गांधी के आदर्श राज्य की कल्पना की जा सकती है। एक भव्य स्थल का निर्माण होगा, और ऑक्सीजन के सिलिंडर की कोई कमी नहीं होगी। मूर्ति को मास्क पहनाने की भी आवश्यकता नहीं होगी। जब ऐसे स्थल बनेंगे तभी तो बेरोजगार मजदूरों को नौकरी…

जुआ शीर्षकों का

आडवाणी जी का जन्मदिन है, भाजपा में खुशी की लहर है। लहर खबरी मीडिया में भी है— चापलूसी की। आज तक ने एक ऑनलाइन  लेख में आडवाणी की खूब तारीफ की है। हैरानी इस बात की है कि अग्रणी हिंदी खबरी मीडिया ने आडवाणी को १९९२ का हीरो कहा। हां, वहीं ९२ जिसके विषैले धर्म…

भाजपा, हास्य जगत और चिंतकों का ब्लू टिक

जब भारतीय जनता पार्टी अपने हास्य चरम पर पहुंची, तो  राजू श्रीवास्तव जैसे अद्वितीय  कलाकारों ने पार्टी की सदस्यता हासिल की। लेकिन आज भाजपा के अलौकिक गुट के चुनिंदे नेताओं ने टीआरपी पर एकाधिकार हासिल कर लिया है। अब बताएं समस्या कैसी है, भला दिलीप घोष और  बिप्लब देब जैसे प्राकृतिक हास्य सम्राटों के सामने…

रवीश कुमार जी, भूतकाल में देखिए, मादी शर्मा से बड़ा बेताल एनडीटीवी नामक विक्रम के कंधे से लटका पाएंगे

माननीय संपादक रवीश जी, छठ की हार्दिक शुभकानाएं। आपका बिहार आना हुआ, जान कर खुशी हुई। अब कुछ दिल्ली की बात करें, और देश की भी, पत्रकारिता और दोहरे मापदंड की भी । ‘मादी शर्मा’ नाम है न उनका, जिन पर बहस छिड़ी है, “दूसरे दरवाजे” की चाभी वाली । आखिर कैसे एक अनजान चेहरा मोदी सरकार के…

Great Photography But Zero Science Journalism

“Tamil Nadu’s seaweed harvesters in rough seas” — this report is apparently a part of UNDP “funded” project on Climate Crisis; it has been published by People’s Archive of Rural India, an online portal founded by P. Sainath. I have been an admirer of PARI’s reporting; I have also contributed to it. I also keenly…

In Solidarity With Aarti Tikoo Singh

Disclaimer: I did not want to write this. US Congressional hearing on Kashmir has now generated a lot of buzz in India. Aarti Tikoo Singh, a journalist with the Times of India, is at the centre of this debate.  Question is: “Should journalists become the news?” Lewis Wallace, writing in the Columbia Journalism Review, clarifies…

Words

Words being perfunctory,meaningless and of no tranquility,in the woods of apocalypse and nihilism,in the time of evangelism,in the shade of glittery dusk,and in the umbra of golden dawn,are all about deepening chasm in shared liveswhich were meant to adhere more than they abhor,hum more than they grin, smile more than they smear. Words remained the…

क्यूं रे?

चांद भी प्यासा, मैं भी प्यासी, ढूंढू रही कब से बस एक घूंट पानी रे, जिस तलाश निकली मैं, ओ राह गुजर गई बिन तेरे कैसे रे? दर्द, राग, द्वेष, लोभ, मोह का पाठ पढ़ाता तू सबको रे, तो खुद के गिरेबान में झांक कर क्यूं नहीं देखता तू अपने रे? राई का राष्ट्रप्रेम और…